विरोधियों को फंसाने के लिए अपने ही पुत्र के अपहरण की रची कहानी पुलिस ने खोली पोल, गिरफ्तार

जीतेन्द्र सिंह कानपुर संवाददाता

कानपुर। थाना बिधनू क्षेत्र के अंतर्गत एक पिता ने अपने विरोधियों को फंसाने के लिये अपने ही पुत्र के अपहरण की झूठी रचना रची और विरोधियों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया। जब पुलिस ने जांच की तो सही तथ्य सामने आए। प्रभारी निरीक्षक द्वारा हत्या सम्बन्धित अपराधों की रोकथाम व वांछित अपराधियों तथा वारण्टियों की गिरफ्तारी हेतु गठित टीम के क्रम में दिनांक 25.12.2024 को थाने पर वादी रामशंकर द्वारा धारा 191 (2)/190/140 /140(2)/351(3) /352 बीएनएस बनाम सोनू यादव आदि 11 के विरूद्ध अपने पुत्र छोटू उर्फ विक्रम के अपहरण होने के बारे में पंजीकृत कराया था।

जिसके जांच के क्रम मे अपहृत छोटू उर्फ विक्रम की सकुशल बरामदगी के उपरान्त छोटू उर्फ विक्रम से गहनता से पूछताछ की गयी । छोटू उर्फ विक्रम ने अपने बयानो में बताया कि मेरा अपनी पत्नी से विवाद होने पर मैं दिनांक 24/12/2024 को अपने घर से मोटर साइकिल से चलने के बाद मोटरसाइकिल को घाटुखेडा मोड़ पर खड़ी करके चला गया था । मैं घर से अपनी मर्जी से गया था । नामित विपक्षियों की मेरे घर से चले जाने में कोई भूमिका नही है। वादी मुकदमा रामशंकर का विपक्षियों से जमीनी विवाद के चलते वादी ने फंसाने के लिये झूठा मुकदमा पंजीकृत कराया था एवं वादी ने अपने पुत्र छोटू उर्फ विक्रम के अपने घर से जाने लाभ उठाते हुए झूठे साक्ष्य गढकर विपक्षियों से जमीनी विवाद के चलते साजिशन झूठा फंसाने के लिये अपने पुत्र के अपहरण की साजिश गढ़ी थी। वादी रामशंकर द्वारा अपने परिवार के साथ मिलकर विपक्षी का मकान कब्जाने के उद्देश्य से साजिश रचकर झूठे साक्ष्य गढ़ने व धमकी देने के साक्ष्य प्रकाश में आये है। 

वादी रामशंकर व उसके पुत्र अंकुश व अन्य परिवारीजनो द्वारा साजिशन झूठे साक्ष्य गढ़ने व धमकी देने के कारण मुकदमा उपरोक्त में धारा 229/231/61(2) / 351 (3) भारतीय न्याय संहिता की बढ़ोत्तरी की गयी तथा वादी रामशंकर व उसके पुत्र अंकुश तथा अन्य परिवारीजनो का मुकदमा उपरोक्त में साक्ष्य संकलन के आधार पर अभियुक्त बनाया गया । आज अभियुक्त रामशंकर पुत्र स्व. बली उर्फ रामबली निवासी घाटूखेडा थाना बिधनू को दबिश देकर गिरफ्तार किया गया ।

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